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सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤–ाम और बà¥à¤–ार के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़े : Home Remedies for Cold & Fever
सामानà¥à¤¯ जà¥à¤•ाम को नैसोफेरिंगजाइटिस, राइनोफेरिंजाइटिस, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• नजला या जà¥à¤•ाम के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। यह ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° का आसानी से फैलने वाला संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° नाक को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में खांसी, गले में खराश, नाक से सà¥à¤°à¤¾à¤µ (राइनोरिया) और बà¥à¤–ार आते हैं। लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर सात से दस दिन के à¤à¥€à¤¤à¤° समापà¥à¤¤ हो जाते हैं। हालांकि कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¥€ रह सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ दो सौ से अधिक वायरस होते हैं जो सामानà¥à¤¯ जà¥à¤•ाम का कारण बन सकते हैं। राइनोवायरस इसका सबसे आम कारण है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस, कवक और अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के रोगाणà¥à¤“ं जैसे कई सूकà¥à¤·à¥à¤® जीव मानव शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं। आमतौर पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इन सूकà¥à¤·à¥à¤® जीवों से लड़ती है, जो शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° किसी बीमारी का कारण बनती हैं। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ होता है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤²à¥€ उन सà¤à¥€ से लड़ नहीं सकती और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शरीर से खतà¥à¤® नहीं कर पाती है। जब à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इन हानिकारक वायरस को रोकने में विफल हो जाती है, तो वे आमतौर पर शरीर में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनती है। यह बाद में शरीर में बà¥à¤–ार के रूप में बाहर आती हैं।
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार कà¥à¤¯à¤¾ होता है? (What is Cold and Fever?)
बà¥à¤–ार à¤à¤µà¤‚ जà¥à¤•ाम वात, पितà¥à¤¤, कफ इन तीनों दोषों के दूषित होने से होता है परनà¥à¤¤à¥ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पितà¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ कफ के कारण यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर पड़ जाती है और वह शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° के वायरस से लड़ने में विफल हो जाती है जो बà¥à¤–ार और जà¥à¤•ाम के रूप में बाहर आती है।
बà¥à¤–ार वासà¥à¤¤à¤µ में कोई बीमारी नहीं है, बलà¥à¤•ि à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है जिससे ये पता चलता है, कि हमारे शरीर में किसी तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो गया है। बà¥à¤–ार कई कारणों से हो सकता है, जैसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शारीरिक मेहनत करने से, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® वातावरण में, पीरियडà¥à¤¸ के समय, लू लगने से, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², वायरल फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण या किसी रोग के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से।
सामानà¥à¤¯ बà¥à¤–ार (सिंपल फीवर) बà¥à¤–ार का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है और à¤à¤¸à¤¾ बà¥à¤–ार होने पर कई घरेलू उपचार किये जा सकते हैं, à¤à¤¸à¤¾ बà¥à¤–ार अकà¥à¤¸à¤° बारिश में à¤à¥€à¤‚ग जाने से, पानी के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर रहने से, गीले कपड़े पहनने से, जà¥à¤•ाम होने पर, कबà¥à¤œ होने पर, लूज मोशन होने पर, पेट दरà¥à¤¦ या पेट में कोई à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होने से, रात को जागने से, अनियमित दिनचरà¥à¤¯à¤¾ के कारण, मानसिक तनाव के कारण, मौसम में बदलाव के कारण, धूप में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय घूमने से और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शारीरिक शà¥à¤°à¤® करने से हो जाता है।
बà¥à¤–ार अगर बार-बार हो रहा है या लगातार बना ही हà¥à¤† है तो यह किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी का संकेत हो सकता है, à¤à¤¸à¥€ बीमारियों में टायफाइड, हेपेटाइटिस-बी, जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸, मलेरिया, डेंगू, लीवर की खराबी, चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ और कई अनà¥à¤¯ बीमारियाठआती हैं। अगर आप बार-बार होने वाले बà¥à¤–ार को अनदेखा कर रहे हैं तो आपको इसके घातक परिणाम à¤à¥à¤—तने पड़ सकते हैं।
खाà¤à¤¸à¥€, जà¥à¤•ाम, गला खराब होना और नाक बहना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जीवन की आम घटनाà¤à¤ होती हैं। फिर à¤à¥€ कà¥à¤› मामलों में, खाà¤à¤¸à¥€ और जà¥à¤•ाम नà¥à¤¯à¥à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ या तपेदिक (टी0बी0) जैसी गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं।
कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤°, खाà¤à¤¸à¥€ और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम किसी गंà¤à¥€à¤° रोग के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। जिस बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¥‡ में साà¤à¤¸ लेने में कठिनाई हो रही हो या वह जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ साà¤à¤¸ ले रहा हो तो उसे नà¥à¤¯à¥à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है, जो फेफड़ा का à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ या इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होता है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤˜à¤¾à¤¤à¤• बीमारी है और उस बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ किसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ केनà¥à¤¦à¥à¤° से उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
खाà¤à¤¸à¥€ और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम, गला खराब होना और बहती नाक के अधिकतर दौर दवा की आवशà¥à¤¯à¤•ता के बिना ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° ये बीमारियाठनà¥à¤¯à¥à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं, जो फेफड़ा का संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है।
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जà¥à¤•ाम या बà¥à¤–ार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? (Causes of Cold and Fever)
बदलते मौसम में जà¥à¤•ाम-बà¥à¤–ार à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। मानसून में अकà¥à¤¸à¤° बारीश के बाद तापमान में अचानक परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने से वायरल बà¥à¤–ार और संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलने का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। आमतौर पर इस मौसम में होने वाला सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम 5 से 7 दिन में ठीक हो जाता है मगर कà¥à¤› लोगों में ये लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक चलता रहता है। अगर आपको à¤à¥€ बदलते मौसम के कारण जà¥à¤•ाम-बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾ है और ये ठीक नहीं हो रहा है, तो इसका कारण आपकी ही कà¥à¤› गलतियां हो सकती हैं, जिसको आप अनजाने में नजरअंदाज कर रहे हैं।
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार होने के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Cold and Flu)
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार वैसे तो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ या इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पावर के कम होने पर शरीर पर जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार जैसे बीमारियां हावी होने लगती हैं, लेकिन इसके साथ और à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं-
Symptoms of Cold and fever
–पेट में दरà¥à¤¦
-गले में खराश और दरà¥à¤¦à¥¤
-नाक बहना या नाक बंद होना।
-आà¤à¤–ों में जलन, लाली और खà¥à¤œà¤²à¥€à¥¤
-सिर दरà¥à¤¦à¥¤
-तेज बà¥à¤–ार।
-ठणà¥à¤¡ लगना या कांपना।
-थकान।
-मिचली।
–उलà¥à¤Ÿà¥€à¥¤
-दसà¥à¤¤ (डायरिया)
-शरीर की गरà¥à¤®à¥€ बढ़ना।
-शरीर टूटना।
-खाने की इचà¥à¤›à¤¾ न होना।
-चलने पर चकà¥à¤•र आना।
-नींद -मà¥à¤à¤¹ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बिगड़ना।
-हृदय की धड़कन बढ़ना।
-नींद में बड़बड़ाना आदि लकà¥à¤·à¤£à¥¤
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार से बचने के उपाय (Prevention Tips for Cold and Fever)
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार होने पर कम से कम जीवनशैली और आहार में बदलाव लाना बहà¥à¤¤ ज़रूरी होता है जिससे आप बेहतर महसूस कर सकते हैं और बीमार पड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ कम हो जाती है।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पेय-सरà¥à¤¦à¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर, पानी पीना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है, लेकिन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीने की कोशिश करें। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का à¤à¤¸à¤¾ मानना है कि पानी से हमारे शरीर में मौजूद टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ निकल जाते हैं। चाय, कॉफी और सूप जैसे गरम आहार लेने से à¤à¥€ कोलà¥à¤¡ जैसी बीमारी से राहत मिलती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° फलों में à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ पाये जाते हैं जिनका सेवन करने से आपके शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ मजबूत होती है और शरीर से विषैले पदारà¥à¤¥ बाहर निकलते हैं। अगर आपको डायरिया या उलà¥à¤Ÿà¥€ की शिकायत है तो इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का सेवन आपके लिठफायदेमंद होगा। इसके अलावा, नींबू, लैमनगà¥à¤°à¤¾à¤¸, पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾, साग, शहद आदि à¤à¥€ आपके लिठफायदेमंद हो सकते हैं।
साफ और ताजा वायॠलें- कॉमन कोलà¥à¤¡ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठघर की à¤à¥€à¤¤à¤° रहना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद करते हैं, लेकिन à¤à¤¸à¥‡ में लोग यह à¤à¥‚ल जाते हैं कि इस तरीके से कमरे के अंदर का नम माहौल कीटाणà¥à¤“ं के लिठसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¹à¤¾à¤‰à¤¸ जैसा काम करता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कà¥à¤› देर ताजी हवा में रहना à¤à¥€ ज़रूरी होता है।
चेहरे को हाथ न लगायें- कोलà¥à¤¡ होने पर अपने चेहरे, नाक और मà¥à¤‚ह को बार-बार न छूà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपके आस-पास किसी को कोलà¥à¤¡ हà¥à¤† हो तो आपको à¤à¥€ कोलà¥à¤¡ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचें-ॠजब मौसम में बदलाव होता है तो वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण कॉमन कोलà¥à¤¡ या जà¥à¤•ाम हो जाता है और नाक बंद हो जाती है। इसके अलावा छींकें आने लगती हैं और खांसी à¤à¥€ हो सकती है। कई बार कà¥à¤› लोगों में गला खराब होने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में मौसम के बदलाव के समय आपको इन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचना चाहिठऔर साफ-सफाई का विशेष खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिà¤à¥¤
बेमौसम की चीजों का सेवन- कई बार जब हम बेमौसम की चीजों का सेवन करते हैं, जैसे गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही खूब ठणà¥à¤¡à¤¾ पानी पीना, आइसकà¥à¤°à¥€à¤®-कà¥à¤²à¥à¤«à¥€ खाना या बेमौसम के फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करना आदि, तो à¤à¥€ वायरल रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिठहर मौसम में आपको मौसमी चीजों का ही सेवन करना चाहिà¤à¥¤ मौसमी फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सेवन से शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ती है और इस तरह के वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा कम हो जाता है।
खांसते-छींकते समय रूमाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—- मौसम के बदलाव के समय वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के जीवाणॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाते हैं। इसलिठइस मौसम में पबà¥à¤²à¤¿à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤¸ पर छींकते या खांसते समय आपको हमेशा रूमाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ छींकते समय मà¥à¤‚ह पर रूमाल रखने से आप तो आपके साथ-साथ अनà¥à¤¯ लोगों को à¤à¥€ वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से खतरा कम हो जाता है। इस मौसम में वातावरण में मौजूद वायरस à¤à¤•-दूसरे में सांस के जरिये, छींकने से या खांसने पर डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैलता है। इसे रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤Ÿà¤°à¥€ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का वायरस कहते हैं।
साफ-सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨- वायरल बीमारियों का सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा उन लोगों को होता है जो अपने शरीर और अपने आस-पास की सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं रखते हैं। चूंकि मौसम के बदलाव के समय बीमारी के जीवाणॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होते हैं इसलिठइस समय साफ-सफाई का विशेष खयाल रखना चाहिà¤à¥¤ रोजाना साबà¥à¤¨ से नहाना, कपड़े धूप में सà¥à¤–ाना, बाथरूम और टॉयलेट की अचà¥à¤›à¥€ तरह सफाई करना, खांसते और छींकते समय मà¥à¤‚ह पर रूमाल रखना आदि बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है। इसके अलावा सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धोकर पकाना और खाने से पहले हाथ धोना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
à¤à¤¯à¤° कंडीशनर में सोना- आमतौर पर मौसम बदलने पर à¤à¥€ लोग à¤à¤¯à¤° कंडीशनर का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं। चूंकि मौसम बदलने के दौरान दिन और रात के तापमान में à¤à¤¾à¤°à¥€ अंतर आ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤¯à¤°à¤•ंडीशनर में सोने से शरीर का तापमान काफी कम हो जाता है, जिसका नाक और गले पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। कई बार लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक ठणà¥à¤¡ में सोने पर आपको बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। इसके अलावा à¤à¤• शोध में पाया गया है कि à¤à¤¯à¤°à¤•ंडीशनर में सोने से आपके इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
साफ-सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखना- वायरल बीमारियों का सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा उन लोगों को होता है जो अपने शरीर और अपने आस-पास की सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं रखते हैं। चूंकि मौसम के बदलाव के समय बीमारी के जीवाणॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होते हैं इसलिठइस समय साफ-सफाई का विशेष खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिà¤à¥¤ रोजाना साबà¥à¤¨ से नहाना, कपड़े धूप में सà¥à¤–ाना, बाथरूम और टॉयलेट की अचà¥à¤›à¥€ तरह सफाई करना, खांसते और छींकते समय मà¥à¤‚ह पर रूमाल रखना आदि बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है।
खांसने-छींकने के बाद कपड़ों से पोंछ लेना- मौसम के बदलाव के समय वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के जीवाणॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाते हैं। इसलिठइस मौसम में पबà¥à¤²à¤¿à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤¸ पर छींकते या खांसते समय आपको हमेशा रूमाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ छींकते समय मà¥à¤‚ह पर रूमाल रखने से आप तो आपके साथ-साथ अनà¥à¤¯ लोगों को à¤à¥€ वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से खतरा कम हो जाता है। इस मौसम में वातावरण में मौजूद वायरस à¤à¤•-दूसरे में सांस के जरिये, छींकने से या खांसने पर डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैलता है। इसे रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤Ÿà¤°à¥€ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का वायरस कहते हैं।
अधिक तनाव- तनाव आपके शरीर के इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है। हम रोज किसी न किसी वजह से तनाव का सामना करते ही हैं। हमें कोशिश करनी चाहिठकि तनाव को किसी à¤à¥€ तरह नियंतà¥à¤°à¤£ में रखें। इसके कारण आप बीमार à¤à¥€ हो सकते हैं। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अधिक तनाव आपको बीमारियों के लिठअधिक संवेदनशील बना देता है। अगर आपको जà¥à¤•ाम हà¥à¤ काफी दिन हो गठऔर आप ठीक नहीं हो पा रहे तो जांच लें, कहीं आपका अधिक तनाव तो इसकी वजह नहीं है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ- कई लोगों की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की आदत इतनी नियमित होती है कि वो बीमार होने पर à¤à¥€ इसे टालते नहीं हैं। à¤à¤¸à¥‡ लोग सोचते हैं, थोड़ी सी बीमारी में à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कà¥à¤¯à¤¾ छोड़ना और उनकी इसी सोच की वजह से सामानà¥à¤¯-सा जà¥à¤•ाम काफी दिनों तक के लिठटिक सकता है। अगर आप जà¥à¤•ाम के दौरान à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना à¤à¥€ चाहते हैं तो हलà¥à¤•े सà¥à¤¤à¤° पर करें।
खान-पान- जैसे ही आपको बीमारी महसूस होने लगता है, या तो आप खना-पीना छोड़ देते हैं या फिर à¤à¤¸à¥€ चीजें खाने लगते हैं जो आपको फायदा नहीं पहà¥à¤‚चाती। जब आपको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होता है तो आपके पूरे शरीर को पोषण की जरूरत होती है, ताकि वो बीमारी से बच सके। कोशिश करें कि जब आप बीमार हो तब à¤à¥€ आपका खान-पान समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषण-यà¥à¤•à¥à¤¤ हो।
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤-
-बà¥à¤–ार में à¤à¤¾à¤°à¥€, गरिषà¥à¤ , तले हà¥à¤, मिरà¥à¤š-मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ से परहेज करें।
-बà¥à¤–ार में दूध से बनी मिठाइयाठऔर रेशायà¥à¤•त आहार न खाà¤à¤‚। खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों का सेवन à¤à¥€ बà¥à¤–ार में न करें।
–डेंगू बà¥à¤–ार लकà¥à¤·à¤£, बचाव, खानपान और उपचार के उपाय बà¥à¤–ार में जलà¥à¤¦à¥€ ताकत लाने के चकà¥à¤•र में अधिक घी, मकà¥à¤–न, मांस, आदि गरिषà¥à¤ पदारà¥à¤¥ न खाà¤à¤‚ और न ही पिà¤à¤‚। चाय, कॉफी, शराब, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ आदि से परहेज रखें। रेड मीट या अनà¥à¤¯ मीट बिलà¥à¤•à¥à¤² न लें। इसे आपका पेट हजम नहीं कर पाà¤à¤—ा। बà¥à¤–ार में जंक फूड (फासà¥à¤Ÿ फूड, डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द फूड) का सेवन à¤à¥€ कतई न करें। उचà¥à¤š फैट वाले और तैलीय à¤à¥‹à¤œà¤¨ से à¤à¥€ पूरी तरह परहेज करें।
-बà¥à¤–ार में आइसकà¥à¤°à¥€à¤®, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क जैसी ठणà¥à¤¡à¥€ चीजों और सोडा डà¥à¤°à¤¿à¤‚क से à¤à¥€ दूर रहें।
-बà¥à¤–ार में शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन à¤à¥€ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड- खांसी के दौरान पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड के सेवन से बचना जरूरी है। इसमें वाइट बà¥à¤°à¥‡, वाइट पासà¥à¤¤à¤¾, बेकà¥à¤¡ फूड, चिपà¥à¤¸ वगैरह आते हैं। इनकी जगह हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€ खानी चाहिà¤à¥¤
फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ फूड- फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ फूडस खांसी में काफी नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हैं लिहाजा फà¥à¤°à¥‡à¤‚च फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ और जंक फूड खांसी में नहीं खाने चाहिà¤à¥¤
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल- साइटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ वाले फल à¤à¥€ खांसी को बढ़ा सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ फलों से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ इनके बजाय पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤², आडू या तरबूज लेना चाहिà¤à¥¤
दूध– खांसी में दूध और दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ खाने से शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंंतà¥à¤°, फेफड़ों और गले में बलगम इकटà¥à¤ ा हो जाता है इसलिठजब तक खांसी ठीक न हो जाठदूध से दूर ही रहें।
कà¥à¤•ीज और बिसà¥à¤•िट-सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो तो कà¥à¤•ीज, बिसà¥à¤•िट और बाजार की बेकरी से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ ये कफ बनाते हैं जिससे समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। कोशिश होनी चाहिठकि घर पर बनने वाला गरम à¤à¥‹à¤œà¤¨ का ही सेवन किया जाय।
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤-
-बà¥à¤–ार में जहां तक हो सके तरल à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ ही सेवन करें और कचà¥à¤šà¥€ चीजों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पके हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को खाà¤à¤‚। à¤à¤¾à¤ª में पकाई हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, सूप और फलों के पतले रस को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल करें। बà¥à¤–ार में साधारण, हलà¥à¤•ा, आसानी से पचने वाला, कम मिरà¥à¤š मसालेदार व कम मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें।
-ताजा उबली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सूप, सलाद à¤à¥€ बà¥à¤–ार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सही à¤à¥‹à¤œà¤¨ होता है।
-बाजार में आसानी से मिलने वाला इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ शरीर को तरल पदारà¥à¤¥ देने का अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। यह शरीर की जरूरी पोषण और रोग से लड़ने की ताकत देता है।
-आलू बà¥à¤–ारा, चीकू, चकोतरा, अंगूर, पपीता, अनार, सेब, संतरा आदि का सेवन करें। कचà¥à¤šà¥‡ नारियल का पानी à¤à¥€ बà¥à¤–ार में लाà¤à¤•ारी होता है। (बà¥à¤–ार में चीकू के फायदे)
-उबला हà¥à¤† ठणà¥à¤¡à¤¾ किया पानी बार-बार पीते रहें। बà¥à¤–ार में ठणà¥à¤¡ लगे तो गरà¥à¤® पानी में और गरà¥à¤®à¥€ या जलन महसूस हो तो गरà¥à¤® किठठणà¥à¤¡à¥‡ पानी में नींबू का रस और थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर बार-बार पिà¤à¤‚। बà¥à¤–ार की कमजोरी में पानी में शहद मिलाकर पिà¤à¤‚।
-गरà¥à¤®à¥€, थकान या मेहनत के कारण हà¥à¤ बà¥à¤–ार में अनानास के रस में शहद डालकर पीने से काफी फायदा होगा। पपीते के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का काढ़ा à¤à¥€ बà¥à¤–ार को उतार देता है। यदि बà¥à¤–ार गरà¥à¤®à¥€ में लू लगने से हà¥à¤† है और कफ खांसी नहीं है तो दही का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी होता है।
Herbal tea
-शहद और नींबू की चाय बà¥à¤–ार में यह पेय बहà¥à¤¤ काम का है। हरà¥à¤¬à¤² चाय का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ किया जा सकता है। चाय में अदरक डालने से इसका लाठऔर बढ़ जाà¤à¤—ा। बà¥à¤–ार में पानी के साथ-साथ अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾-से-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करना चाहिà¤à¥¤
-à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š जीरा के दाने लें। चार-पांच तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लें। इन दोनों को à¤à¤• गिलास पानी में मिला लें। इसके बाद पानी को कà¥à¤› मिनट के लिठउबलने दें। इसके बाद इस मिशà¥à¤°à¤£ की à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मातà¥à¤°à¤¾ दिन में दो-तीन बार लें।
-बà¥à¤–ार में ताजा फलों का रस à¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदा देगा। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में फलों का डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द जूस नहीं पीना चाहिà¤à¥¤ हर हाल में ताजा फलों का रस ही लेना चाहिà¤à¥¤ फलों का रस शरीर के रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ तंतà¥à¤° को मजबूत करने का काम करेगा।
-à¤à¤• गिलास दूध में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद या थोड़ा-सा केसर पाउडर मिलाना à¤à¥€ बà¥à¤–ार में लाà¤à¤•ारी रहेगा। फलों का रस, गनà¥à¤¨à¥‡ का रस, मकई का रस थोड़ा-थोड़ा करके बार-बार पीना चाहिà¤à¥¤
-तà¥à¤²à¤¸à¥€ के छह-सात पतà¥à¤¤à¥‡ लें और करीब इतने ही दाने काली मिरà¥à¤š के तथा दो पतà¥à¤¤à¥‡ पीपल के लें और à¤à¤• छोटी गांठसोंठकी, सà¤à¥€ को à¤à¤• कप पानी में डालकर उबालें। पानी जब आधा रह जाठतो उसमें मिशà¥à¤°à¥€ मिलाà¤à¤‚ और सà¥à¤¬à¤¹ के समय खाली पेट लें। कई दिन तक à¤à¤¸à¤¾ करें, बà¥à¤–ार में बहà¥à¤¤ फायदा होगा। 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® नीम की छाल को कूटकर बारीक कर लें। इसमें आधा लीटर पानी डालकर उबालें। पानी के 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® रहने तक उबालें। इसके बाद इस पानी को सà¥à¤¬à¤¹-शाम पिलाà¤à¤‚, बà¥à¤–ार से जलà¥à¤¦à¥€ ही छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलेगा। बà¥à¤–ार में नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤–ाकर और पीसकर उनका चूरà¥à¤£ बना लें। अब चूरà¥à¤£ की à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मातà¥à¤°à¤¾ का गरà¥à¤® पानी के साथ सेवन करें।
इसके अलावा बà¥à¤–ार होने पर इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ ज़रूरी होता है-
-पूरा विशà¥à¤°à¤¾à¤® कर सà¥à¤¬à¤¹-शाम 30 मिनट का शवासन करें।
-तेज बà¥à¤–ार होने पर माथे पर ठणà¥à¤¡à¥‡ पानी की पटà¥à¤Ÿà¥€ रखें।
-पैर के तलवों पर लौकी के रस या लौकी के तेल की मालिश अवशà¥à¤¯ करें।
-रोगी का कमरा सà¥à¤µà¤šà¥à¤›, हवादार रखें और साफ-सà¥à¤¥à¤°à¥‡ कपड़े पहने और पहनायें।
-वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ पर पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को लंबी और गहरी सांस लेने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
-बà¥à¤–ार में हमेशा कंबल, गरà¥à¤® कपड़े में शरीर को लपेट कर न रखें।
और पढ़े- जानें रोज तà¥à¤²à¤¸à¥€ खाना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है फायदेमंद
जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़े ( Home Remedies for Cold and Fever)
आम तौर पर जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाने के लिठसबसे पहले घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़ों को ही अपनाया जाता है। यहां हम पतंजली के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पारित कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके सेवन से जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾ से जलà¥à¤¦ आराम मिल सकता है।
हलà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में लाà¤à¤•ारी (Turmeric Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
जà¥à¤•ाम और खांसी से बचाव के लिठहलà¥à¤¦à¥€ बहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¤¾ उपाय है। हलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤‚टी वायरल और à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¥€à¤¯à¤² होता है जो सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से लड़ने में काफी मददगार होता है। यह बंद नाक और गले की खराश की समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ दूर करता है। जà¥à¤•ाम और खांसी होने पर दो चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर को à¤à¤• गिलास दूध में मिलाकर सेवन करने से फायदा होता है। दूध में मिलाने से पहले दूध को गरà¥à¤® कर लें। इससे बंद नाक और गले की खराश दूर होगी। सीने में होने वाली जलन से à¤à¥€ यह बचाता है। बहती नाक के इलाज के लिठहलà¥à¤¦à¥€ को जलाकर इसका धà¥à¤‚आं लें, इससे नाक से पानी बहना तेज हो जाà¤à¤—ा व ततà¥à¤•ाल आराम मिलेगा।
गेहूं की à¤à¥‚सी जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Wheat Bran Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
जà¥à¤•ाम और खांसी के उपचार के लिठआप गेहूं की à¤à¥‚सी का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं। 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® गेहूं की à¤à¥‚सी, पांच लौंग और कà¥à¤› नमक लेकर पानी में मिलाकर इसे उबाल लें और इसका काढ़ा बनाà¤à¤‚। इसका à¤à¤• कप काढ़ा पीने से आपको तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ आराम मिलेगा। आमतौर पर जà¥à¤•ाम हलà¥à¤•ा-फà¥à¤²à¥à¤•ा ही होता है जिसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ या इससे कम समय के लिठरहते हैं।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Tulsi Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
सामानà¥à¤¯ जà¥à¤•ाम और खांसी के उपचार के लिठबहà¥à¤¤ ही कारगर घरेलू उपाय है तà¥à¤²à¤¸à¥€, तà¥à¤²à¤¸à¥€ में काफी उपचारी गà¥à¤£ समाठहोते हैं, जो जà¥à¤•ाम और फà¥à¤²à¥‚ आदि से बचाव में कारगर हैं। तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चबाने से कोलà¥à¤¡ और फà¥à¤²à¥‚ दूर रहता है। खांसी और जà¥à¤•ाम होने पर इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ (पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• 5 गà¥à¤°à¤¾à¤®) पीसकर पानी में मिलाà¤à¤‚ और काढ़ा तैयार कर लें। इसे पीने से आराम मिलता है।
इसके अलावा तà¥à¤²à¤¸à¥€ और अदरक को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लिठरामबाण माना जाता है। इसके सेवन से इसमें तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ राहत मिलती है। à¤à¤• कप गरà¥à¤® पानी में तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पांच-सात पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लें। उसमें अदरक के à¤à¤• टà¥à¤•ड़े को à¤à¥€ डाल दे। उसे कà¥à¤› देर तक उबलने दे और उसका काढ़ा बना लें। जब पानी बिलà¥à¤•à¥à¤² आधा रह जाठतो इसे आप धीरे-धीरे पी लें। यह नà¥à¤¸à¥à¤–ा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ बड़ों को à¤à¥€ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम में राहत दिलाने के लिठअसरदार होता है।
अदरक जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Ginger Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
Ginger Home Remedies for Cold and Fever
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सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम में अदरक बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। अदरक को महाऔषधि कहा जाता है, इसमें विटामिन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ आदि मौजूद होते हैं। अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कफ वाली खांसी हो तो उसे रात को सोते समय दूध में अदरक उबालकर पिलाà¤à¤‚। अदरक की चाय पीने से जà¥à¤•ाम में फायदा होता है। इसके अलावा अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
काली मिरà¥à¤š का पाउडर जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Black Pepper Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
जà¥à¤•ाम और खांसी के इलाज के लिठयह बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ देसी ईलाज है। दो चà¥à¤Ÿà¤•ी हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर , दो चà¥à¤Ÿà¤•ी सोंठपाउडर, à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी लौंग का पाउडर और बड़ी इलायची आधी चà¥à¤Ÿà¤•ी, लेकर इन सबको à¤à¤• गिलास दूध में डालकर उबाल लें। इस दूध में मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर पीने से जà¥à¤•ाम ठीक हो जाता है। कालीमिरà¥à¤š को शहद में मिलाकर चाटने से सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी ठीक हो जाती है।
इलायची जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Cardamom Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
इलायची न केवल बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ मसाला है बलà¥à¤•ि यह सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम से à¤à¥€ बचाव करती है। जà¥à¤•ाम होने पर इलायची को पीसकर रà¥à¤®à¤¾à¤² पर लगाकर सूंघने से सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी ठीक हो जाती है। इसके अलावा चाय में इलायची डालकर पीने से आराम मिलता है।
हरà¥à¤¬à¤² टी जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Herbal Tea Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम में औषधीय चाय पीना बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। सरà¥à¤¦à¥€ के कारण जà¥à¤•ाम, सिरदरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार और खांसी होना सामानà¥à¤¯ है, à¤à¤¸à¥‡ में हरà¥à¤¬à¤² टी पीना आपके लिठफायदेमंद है। इससे ठणà¥à¤¡ दूर होती है और पसीना निकलता है और आराम मिलता है। यदि जà¥à¤•ाम खà¥à¤¶à¥à¤• हो जाये, कफ गाढ़ा, पीला और बदबूदार हो और सिर में दरà¥à¤¦ हो तो इसे दूर करने के लिठहरà¥à¤¬à¤² टी का सेवन करना अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
कपूर जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Camphor Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
सरà¥à¤¦à¥€ से बचाव के लिठकपूर का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¥€ फायदेमंद है। कपूर की à¤à¤• टिकिया को रà¥à¤®à¤¾à¤² में लपेटकर बार-बार सूंघने से आराम मिलता है और बंद नाक खà¥à¤² जाती है। इसके अलावा कपूर सूंघने से ठणà¥à¤¡ à¤à¥€ दूर होती है। कपूर की टिकिया का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके आप सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम से बचाव कर सकते हैं।
नींबू जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Lemon Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी में आराम मिलता है। à¤à¤• गिलास उबलते हà¥à¤ पानी में à¤à¤• नींबू और शहद मिलाकर रात को सोते समय पीने से जà¥à¤•ाम में लाठहोता है। पका हà¥à¤† नींबू लेकर उसका रस निकाल लीजिà¤, इसमें शà¥à¤—र डालकर इसे गाढ़ा बना लें। इसमें इलायची का पाउडर मिलाकर इसका सेवन करने से आराम मिलता है।
लहसà¥à¤¨ जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार में फायदेमंद (Garlic Beneficial in Cold and Fever in Hindi)
Garlic for Cold and Fever
लहसà¥à¤¨ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से लड़ने में काफी मददगार होता है। लहसà¥à¤¨ में à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¨ नामक à¤à¤• रसायन होता है जो à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¥€à¤¯à¤², à¤à¤‚टी-वायरल और à¤à¤‚टी-फंगल होता है। लहसà¥à¤¨ की पांच कलियों को घी में à¤à¥à¤¨à¤•र खाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤•-दो बार करने से जà¥à¤•ाम में आराम मिल जाता है। सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤•ाम के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को लहसà¥à¤¨ तेजी से दूर करता है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिठ? (When to See a Doctor?)
आम तौर जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार होने पर लोग डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास तब तक नहीं जाते जब तक अवसà¥à¤¥à¤¾ कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ न हो, लेकिन निमà¥à¤¨ अवसà¥à¤¥à¤¾ हो तो तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लें-
-अगर आपका बà¥à¤–ार 101.3 फारेनहाइट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है।
-अगर आपको लगातार चार-पांच तक बà¥à¤–ार आता है, अगर आपको सांस लेने में परेशानी, उलà¤à¤¨ और शरीर में तेज दरà¥à¤¦ है।
-कम बà¥à¤–ार में à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤, चकà¥à¤•र, सिर, आंखों, बदन या जोड़ों में दरà¥à¤¦ जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ है, तो फौरन डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लें।
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